सागर के नेपाल पैलेस में महिला और दो बेटियों का कातिल उसका देवर ही निकला है। ताना मारने पर उसने भाभी, भतीजियों की हत्या की थी। पहले भाभी को हंसिये से मारा। बचाने आई बड़ी भतीजी पर भी हंसिया लेकर टूट पड़ा और 7 से 8 वार किए। दोनों की हत्या करने के बाद वह किचन से बेडरूम में पहुंचा और रो रही छोटी भतीजी पर पत्थर पटककर उसको मार डाला। आरोपी ने खून लगे कपड़े और हंसिया बाथरूम में जाकर बाल्टी में रख दिया। फिर बड़े भाई के कपड़े पहनकर हत्याकांड को लूट दिखाने के लिए अलमारी में रखे गहने और कैश लेकर भाग निकला। आरोपी पीडब्लूडी कर्मचारी है। पुलिस ने गहने बेचने में आरोपी का साथ देने वाले दोस्त को भी गिरफ्तार किया है। दोस्त ने गहने बेचने में मदद की सागर में सिविल लाइन के नेपाल पैलेस इलाके में 30 जुलाई की रात वंदना पटेल (35), बड़ी बेटी अवंतिका (7) और छोटी बेटी अन्विका पटेल (3) के शव मिले थे। मां, बड़ी बेटी के शव किचन में पड़े थे तो छोटी बेटी का शव बेडरूम में मिला था। पुलिस ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए आरोपी देवर प्रवेश पटेल (30) और उसके दोस्त प्रकाश पटेल (27) को अरेस्ट किया है। प्रवेश दमोह में पीडब्लूडी में नौकरी करता है और दमोह के सरखड़ी में रहता है। प्रकाश सागर के ही अहमदनगर का रहने वाला है। प्रभारी एसपी डॉ. संजीव उईके के मुताबिक, प्रवेश के पास से बड़े भाई विशेष की टी-शर्ट, लोअर, डोरमेट, हंसिया, पत्थर का बट्टा, सोने का हार, चांदी की 4 चूड़ियां, 10 हजार रुपए कैश और स्कूटी जब्त की गई है। प्रकाश हत्याकांड में सीधे तौर पर शामिल नहीं था, उसने गहने बेचने में मदद की थी। भाभी ने कहा था- तुम्हारे कारण हम लोग आगे नहीं बढ़ पा रहे प्रवेश ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 30 जुलाई की शाम 5 बजे वह बड़े भाई विशेष पटेल के घर पहुंचा। भाभी और दो भतीजियां ही घर पर थे। भाई ड्यूटी से लौटे नहीं थे। उसने पैसों की डिमांड की। इस पर भाभी ने कहा- तुम्हारे कारण हम लोग आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। आए दिन भाई से पैसे लेते रहते हो। गुस्से में आकर प्रवेश ने भाभी को धक्का मारा। वह दीवार से टकरा गई। प्रवेश ने किचन में ही रखा हंसिया उठाया और 5 वार किए। मां को बचाने आई अवंतिका पर 7 से 8 वार किए। बेडरूम में जाकर अन्विका पर पत्थर का बट्टा पटककर उसे भी मार डाला। कपड़े बदले, पत्थर दूसरे कमरे में छिपाया भाभी-भतीजियों की हत्या के बाद प्रवेश ने खून लगे कपड़े और हंसिया बाथरूम में जाकर पानी से भरी बाल्टी में डाल दिया। खून के धब्बे साफ करने की कोशिश की। खून लगा पत्थर दूसरे कमरे में ले जाकर छिपा दिया। इसके बाद बड़े भाई विशेष के कपड़े पहने। गहने-कैश समेटकर भाग निकला। वह सीधा दोस्त प्रकाश के पास पहुंचा। प्रकाश की मदद से उसने कुछ गहने 97 हजार रुपए में बेचे। प्रकाश से लिया हुआ कर्ज चुकाया और दमोह चला गया। पुलिस के मुताबिक, प्रवेश घटना वाले दिन सुबह ही दमोह से सागर आया था। वह दोस्त प्रकाश से मिला। उसकी मदद से अपनी स्कूटी गिरवी रखी। हत्याकांड के बाद उसने गिरवी रखी स्कूटी भी पैसे चुकाकर वापस ले ली थी। ससुराल में छिपकर बैठा था आरोपी पुलिस को शुरुआती जांच से ही प्रवेश पटेल पर शक था। जांच के लिए पुलिस दमोह पहुंची लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद टीम दमोह के पास सरखड़ी गांव में उसकी ससुराल गई। यहां से उसे हिरासत में लेकर सागर लाया गया। पहले तो वह गुमराह करता रहा, फिर पुलिस के सख्ती करने पर पूरी कहानी उगल दी। प्रभारी एसपी डॉ. संजीव उईके ने कहा, 'अभी तक की जांच में हत्याकांड के पीछे सिर्फ प्रवेश पटेल का नाम ही सामने आया है। उसके दोस्त प्रकाश ने गहने बेचने में मदद की थी। परिवार का कोई अन्य सदस्य मामले में शामिल है या नहीं, इसकी जांच जारी है।' ऑनलाइन सट्टा खेलने का आदी है आरोपी पुलिस के अनुसार, प्रवेश पटेल को ऑनलाइन जुआ-सट्टा खेलने की आदत है। इस वजह से उस पर अक्सर कर्ज हो जाता है। पिता के निधन के बाद उसे पीडब्ल्यूडी, दमोह में अनुकंपा नौकरी मिली थी। वह 3 साल से नौकरी कर रहा है। 2 साल पहले ही शादी हुई है। बड़े भाई विशेष ने उसका 9 से 10 लाख रुपए का कर्जा चुकाया था। इसके बाद से दोनों भाइयों के बीच अनबन थी। फिलहाल, प्रवेश पर 1.50 लाख रुपए के कर्ज की बात सामने आ रही है। विशेष पटेल जिला अस्पताल के दवा वितरण केंद्र में पदस्थ है। पुलिस ने पूछताछ के लिए उसे भी हिरासत में लिया था। विशेष की लोकेशन जानने के लिए अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। वंदना के मायके और ससुराल पक्ष के लोगों से भी पूछताछ की गई थी। घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... सागर में ट्रिपल मर्डर, मां-दो बेटियों के शव मिले:दीवार में सिर मारने, गले पर धारदार हथियार के निशान; पति-देवर से पूछताछ