राज्य सरकार ने पांच लाख नेशनल पेंशन स्कीम धारक (एनपीएस) अफसरों और कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर मिलने वाले लाभों में बढ़ोतरी कर दी है। इक्विटी सीमा 15 से बढ़ाकर 25 से 50% और फंड मैनेजर 3 से 12 कर दिए हैं। इसका सीधा फायदा कर्मचारी को रिटायरमेंट पर मिलेगा। कह सकते हैं कि 33 साल की नौकरी के बाद पेंशन 40 हजार रुपए प्रति माह बनती है तो अब 60 हजार रु. बनेगी। एकमुश्त 1 करोड़ रुपए मिलते हैं तो डेढ़ करोड़ रुपए मिलेंगे। फंड मैनेजर चुनने की व्यवस्था भी लागू कर दी गई है। हालांकि यह व्यवस्था बाजार जोखिम के अनुसार होगी। इसमें मार्केट रिस्क, ब्याज दरें भी प्रभावी होंगी। इसमें राज्य सेवा के 2005 के बाद के सभी अधिकारी, कर्मचारी तथा अखिल भारतीय सेवा के 2004 के बाद सेवा में आए अफसर शामिल होंगे। ऐसे मिलेगा लाभ : कर्मचारी के 10% और सरकार के 14% जुड़ेगा कर्मचारियों के वेतन से कटौती की 10% राशि और उसमें सरकार के मिलाए गए 14% अंश (यानी यदि वेतन 50 हजार रुपए है तो कर्मचारी का 5000 रुपए और सरकार का हिस्सा 7000 रुपए रुपए मिलाकर कुल 12 हजार रुपए हर महीने की कटौती) को सरकार पेंशन फंड रेग्युलेटरी डेवलपमेंट अथारिटी (पीएफआरडीए) के जरिए तीन फंड मैनेजर के जरिए निवेश करती थी। इससे कर्मचारी को रिटायरमेंट पर बेहतर लाभ मिल सकें। इन फंड मैनेजरों में से किसी को भी चुन सकेंगे कर्मचारी बेहतर रिटर्न मिलेंगे पीएफआरडीए ने यह व्यवस्था लागू किए जाने के निर्देश दिए थे, जिसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था। अब अनुमति मिली है। कर्मचारियों को फंड मैनेजर चुनने और इक्विटी में जमा राशि 25 प्रतिशत होने का निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। एकमुश्त राशि और पेंशन डेढ़ गुना तक हो सकेगी। -जेके शर्मा, डायरेक्टर, पेंशन