मध्य प्रदेश कार्य गुणवत्ता परिषद से 30 सितंबर 2023 को रिटायर हुए वाहन चालक जीएल राठौर ने सरकारी प्रक्रिया से तंग आकर 28 अगस्त से आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया है। राठौर को 10 माह में भी स्वत्वों (सामान्य भविष्य निधि, अवकाश नगदीकरण, ग्रेच्युटी, पेंशन और पेंशन सारांशीकरण) का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने परिषद के महानिदेशक से साफ कहा है कि 27 अगस्त तक हर हाल में भत्तों का भुगतान कर दें। यह कार्यालय पहले मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) के नाम से कार्यरत था। जिसे बाद में कार्य गुणवत्ता परिषद के रूप में स्थापित किया गया। यहीं से परिषद के कर्मचारियों की परेशानी शुरू हुई। दरअसल, मुख्य तकनीकी परीक्षक सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन था। कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान वहीं से होता था। परिषद के अधिकारियों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की और इसका नुकसान कर्मचारियों को हो रहा है। राठौर ने 46 प्रतिशत महंगाई भत्ते की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि उनका रिटायरमेंट 30 सितंबर 2023 को हुआ है और राज्य सरकार ने भूतलक्षी प्रभाव से एक जुलाई 2023 से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया है। उन्होंने कहा कि उनके स्वत्वों का भुगतान 46 प्रतिशत महंगाई भत्ते के साथ ही होना चाहिए।