बीएचईएल के कांट्रेक्ट लेबर को ठेकेदार द्वारा समय पर वेतन नहीं देने और बिना कारण बताये कार्य से बाहर करने और फिर से कार्य पर लेने के लिये पैसे मांगने का मामला केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी तक पहुंचा है। प्रदेश की पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने केंद्रीय उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी के संज्ञान में यह बात भी लाई है कि बीएचईएल के ठेकदार द्वारा श्रमिकों को दिये जाने वाले मासिक वेतन में से कमीशन लिया जाता है और बोनस की पूरी राशि नहीं दी जाती। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री कुमार स्वामी के साथ हुई मुलाकात के बाद मंत्री गौर ने उन्हें यह भी बताया कि भेल भोपाल में कांट्रेक्ट लेबर के वेतन से काटी गई इएसआई और पीएफ राशि भी ठेकेदारों द्वारा खाते में कम जमा कराई जाती है। मंत्री गौर की शिकायत के बाद केंद्रीय उद्योग मंत्री ने इस मामले में अफसरों को कार्रवाई के लिए कहा है। 1420 दुकानों का रिन्युवल जल्द केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान प्रदेश की मंत्री गौर ने बीएचईएल स्थित 1420 दुकानों की नवीनीकरण किए जाने, लाइसेंस फीस तय करने और नामांतरण की राशि को लेकर व्यापारियों की ओर से दिए गए प्रस्ताव से भी अवगत कराया है। इस पर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। राज्यमंत्री गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में संसद भवन में केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री कुमारस्वामी से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें बीएचईएल व्यवसायियों, दुकानदारों एवं ठेका श्रमिकों की समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सौपा गया। राज्यमंत्री गौर ने बीएचईएल के 15 मार्केट के 1420 व्यापरियों के द्वारा बीएचईएल और व्यापरियों के मध्य अनुबंध के संबंध आ रही समस्या से अवगत कराया। भारी उद्योग मंत्री कुमारस्वामी ने समस्या के तुरंत निराकरण के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये। मंत्री कुमार स्वामी को यह भी बताया गया कि यह समस्या लंबे समय से भोपाल के व्यापारियों के लिए परेशानी की वजह है। इसके साथ ही भेल के ठेका श्रमिकों की मेहनत के बाद भी कम राशि मिलने को केंद्रीय मंत्री ने गंभीरता से लिया है और जल्द कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया है।