मेरे 25 साल की फौज की नौकरी में कई चुनौतियां आईं, लेकिन हमने डटकर मुकाबला किया। वहीं बॉर्डर पर भी देशभक्ति और मुस्तैदी के साथ जिम्मेदारी निभाई है। अग्निवीर को लेकर भ्रांतियां फैलाई गई हैं, जबकि ये सबसे अच्छी योजना है। यह कहना है हैदराबाद से फौज की 25 साल की नौकरी पूरी करके लौटे सत्येंद्र मिश्रा का। वह गुरुवार को बुरहानपुर पहुंचे। उन्होंने कहा युवाओं को आगे आकर इसका लाभ लेना चाहिए। कान्यकुब्ज ब्राम्हण समाज जन ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर मिश्रा का भव्य स्वागत कर शहर के विभिन्न मार्गों से खुली जीप में रैली निकाली। रेलवे स्टेशन पर महापौर माधुरी पटेल, निगम अध्यक्ष अनिता यादव, कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी, गौरी शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष रुद्रेश्वर एंडोले, पार्षद गौरव शुक्ला मौजूद रहे। महापौर पटेल ने कहा बॉर्डर पर देशसेवा कर आज शहर का सपूत लौटा है, ये हमारे लिए गर्व की बात है। निगमाध्यक्ष अनिता यादव ने कहा हमें गर्व है बेटे सतेन्द्र पर, जिसने जिम्मेदारी के साथ अपना मातृभूमि के प्रति कर्तव्य निभाया। समाज के प्रवक्ता संजय दुबे ने बताया रेलवे स्टेशन पर उनकी पत्नी ममता ने तिलक किया तो वहीं सत्येंद्र ने अपने पिता शैलेन्द्र मिश्रा के पैर छुए। समाज के प्रो विजय दीक्षित, डॉ आनंद दीक्षित, नन्हें शुक्ला, श्रीकांत अवस्थी, प्रकाश तिवारी, प्रफुल तिवारी, राजेश मिश्रा, वीरेंद्र मिश्रा, राकेश शुक्ला, अजय दुबे, सुनील अग्निहोत्री, संतोष मिश्रा, शैलू मिश्रा, रजनीकांत तिवारी, कैलाश तिवारी, किशोर तिवारी आदि मौजूद रहे।