कलेक्ट्रेट कार्यालय में गुरुवार की दोपहर 2 बजे एक युवक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर के डॉक्टर के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया है। 23 जुलाई को 20 वर्षीय महिला की डिलीवरी के दौरान इलाज में लापरवाही के चलते मौत हुई थी। जिसकी शिकायत पति ने लिखित में संबंधित अधिकारी से की थी। लेकिन अब डॉक्टर के द्वारा युवक को शिकायत वापसी करने के लिए दबाव बनाते हुए धमकियां दी जा रही हैं। दरअसल, दीपक अहिरवार (23) निवासी ग्राम भदर्रा का रहने वाला है। जो दिल्ली में मजदूरी करता है। कुछ समय पहले दिल्ली से अपने गांव भदर्रा आया था। इसी दौरान उसकी पत्नी किरन को डिलीवरी के चलते पेट में दर्द हुआ। इसके बाद वह पत्नी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर के अस्पताल में लेकर पहुंचा कुछ समय बाद पत्नी को डिलीवरी हुई दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ थे। अचानक देर रात ब्लीडिंग होने के कारण पत्नी की हालत बिगड़ी 4 घंटे तक नर्सों के फोन लगाने के बाद भी डॉक्टर अस्पताल नहीं आए। जब 4 घंटे बाद अस्पताल में डॉक्टर नहीं आया तो पत्नी को लेकर हम लोग देर रात एम्बुलेंस से जिला अस्पताल में लेकर पहुचे। जिला अस्पताल में दो बोतल ब्लड लगने बाद कुछ समय बाद पत्नी की मौत हो गई थी। अगर डॉक्टर सही समय पर अस्पताल में महिला को देख लेते तो महिला की जान बच जाती। हालांकि, डॉक्टर को नर्सों के द्वारा कई बार फोन लगाया गया लेकिन डॉक्टर अस्पताल में नहीं आए। मृतका के पति दीपक अहिरवार ने बताया बताया कि मेरी पत्नी को डॉक्टर ने चार घंटे तक इलाज नहीं किया था। जिस वजह से उसकी मौत हो गई थी। जिसकी शिकायत मैंने वरिष्ठ अधिकारियों को की थी। अब डॉक्टर के द्वारा शिकायत वापसी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मैं नहीं चाहता कि जैसी मेरी पत्नी की मौत हुई है वैसे किसी और महिला की मौत हो।